वाशिंगटन । गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए अमेरिकी सेना द्वारा निर्मित तैरते घाट को हटाकर वापस लाया जाएगा। इस घाट को मौसम और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ा, इसकारण फलस्तीनियों तक भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर असर पड़ा।
आलोचकों का कहना है कि यह घाट 23 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लागत वाली बेकार कवायद थी, जो आसन्न अकाल को रोकने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने में विफल रही।
हालांकि, अमेरिकी सेना ने बताया कि परियोजना के द्वारा फलस्तीनियों को करीब दो करोड़ पौंड (90 लाख किलोग्राम) की अत्यंत आवश्यक आपूर्ति पहुंचाई। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण के दौरान घाट के निर्माण की घोषणा की थी।
उन्होंने इस पर निराशा व्यक्त की कि घाट उम्मीद के मुताबिक फायदेमंद नहीं रहा। यह घाट 16 मई को स्थापना के बाद 25 दिनों से भी कम समय तक संचालित हुआ और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण सहायता एजेंसियां इसका उपयोग केवल आधे समय कर सकी।
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