येकातेरिनबर्ग । रूसी अदालत ने अमेरिकी पत्रकार इवान गेर्शकोविच को जासूसी के मामले में दोषी ठहराते हुए 16 साल के कारावास की सजा सुनाई। गेर्शकोविच के नियोक्ता और अमेरिका ने पूरी प्रक्रिया को पाखंड बताकर आरोपों को खारिज किया है। यह फैसला रूस और अमेरिका के बीच संभवत: कैदियों की अदला-बदली का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
स्वेर्दलोव्स्क क्षेत्रीय न्यायालय में फैसला सुनाने के दौरान गेर्शकोविच कठघरे में शांत खड़े थे। जब न्यायाधीश आंद्रेई माइनेयेव ने पूछा कि क्या फैसले को लेकर उनके मन में कोई सवाल है, उन्होंने जवाब दिया, नहीं, माननीय।
गेर्शकोविच (32) को मार्च 2023 में रिपोर्टिंग यात्रा के दौरान हिरासत में लिया गया था और उन पर अमेरिका के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया गया था। वह तभी से सलाखों के पीछे हैं। शीतयुद्ध के चरम पर होने के दौरान 1986 में निकोलस डेनिलॉफ की गिरफ्तारी के बाद गेर्शकोविच जासूसी के आरोप में हिरासत में लिए गए पहले अमेरिकी पत्रकार हैं।
इस फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडन ने कहा कि गेर्शकोविच को रूसी सरकार ने इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वह एक पत्रकार और एक अमेरिकी हैं।
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