भोपाल । प्रदेश के एससी-एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बनाए गए छात्रावासों की हर दो माह में आईएएस अफसरों से जांच कराने के फैसले के बाद अब सरकार विमुक्त, घुमंतु और अर्धघुमक्कड़ वर्ग के छात्रावासों का भी इंस्पेक्शन कराएगी। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने 29 जिलों में संचालित छात्रावासों के इंस्पेक्शन के लिए सचिव स्तर के 11 आईएएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है।
जीएडी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार विमुक्त, घुमंतु और अर्धघुमंतु जनजाति वर्ग के लिए बनाए गए छात्रावासों, आश्रमों, सामुदायिक कल्याण केंद्रों की कमी जानने और उसमें सुविधाओं का विस्तार करने के लिए आईएएस अफसरों की टीम दौरा करेगी। सचिव स्तर के ये अधिकारी दो माह में कम से कम तीन दिन विजिट कर संभागायुक्त, संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव, संभागायुक्त और संभाग के लिए नियुक्त प्रभारी अपर मुख्य सचिव को इसकी रिपोर्ट देंगे।
इन अधिकारियों की यहां लगी है ड्यूटी
शासन द्वारा जिन 11 आईएएस अधिकारियों की ड्यूटी 29 जिलों के लिए लगाई गई है, उनमें पी. नरहरि को इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर जिले, नवनीत मोहन कोठारी को धार, बड़वानी, डॉ संजय गोयल को मंदसौर, नीमच, रतलाम, उज्जैन, एम सेलवेंद्रन को शाजापुर, देवास, रघुराज एमआर को भोपाल, विदिशा, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, शिल्पा गुप्ता को नर्मदापुरम, जॉन किंग्सली ए आर को छिंदवाड़ा, श्रीमन शुक्ला को अनूपपुर, सिबी चक्रवर्ती एम को सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, ओमप्रकाश श्रीवास्तव को ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर तथा ललित कुमार दाहिमा को भिंड और मुरैना जिलों में दौरे कर निरीक्षण रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इन अधिकारियों में श्रीमन शुक्ला अकेले ऐसे अफसर हैं जिनको दो दिन पहले शहडोल संभाग का आयुक्त बनाया गया है। बाकी सभी अधिकारी भोपाल में ही पदस्थ हैं। इसके पहले जीएडी ने 30 जुलाई 2024 को जारी आदेश में एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बनाए गए छात्रावासों, आश्रमों की दो माह में कम से कम तीन दिन तक विजिट करने और संबंधित विभाग के एसीएस, संभागीय आयुक्त तथा संभाग के लिए नियुक्त प्रभारी एसीएस को जांच करने के निर्देश जारी किए थे। इसमें सभी 55 जिलों के लिए 13 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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