कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वह लोगों की खातिर इस्तीफा देने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, मैं लोगों की खातिर इस्तीफा देने को तैयार हूं। आरजी कर अस्पताल की डॉक्टर की हत्या मामले में मैं भी न्याय चाहती हूं। उन्होंने कहा, “मैं बंगाल के लोगों से माफी मांगती हूं, जिन्हें उम्मीद थी कि आज आरजी कर मामले में गतिरोध खत्म हो जाएगा।” इससे पहले हड़ताली डॉक्टरों ने बैठक की लाइव स्ट्रीमिंग करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग करने से इनकार कर दिया।
दो दिन पहले हड़ताली डॉक्टरों ने मुख्य सचिव से बात करने से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री से बातचीत करने की मांग की थी। उस दिन भी मुख्यमंत्री राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव के साथ करीब ढाई घंटे तक इंतजार करती रह गई थीं लेकिन डॉक्टरों ने मुख्य सचिव के मेल का जवाब तक नहीं दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जूनियर डॉक्टरों से मिलने के लिए आज भी दो घंटे तक इंतजार किया, लेकिन वे बैठक स्थल पर नहीं आए। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि आरजी कर मामले में गतिरोध को समाप्त करने के लिए उन्होंने जूनियर डॉक्टरों से बातचीत करने की तीन बार कोशिश की। सीएम ने कहा, “हमारे पास जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था थी, हम उच्चतम न्यायालय की अनुमति से इसे उनके साथ साझा कर सकते थे लेकिन चूंकि आरजी कर मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए जूनियर डॉक्टरों की मांग के अनुसार उनके साथ बैठक का सीधा प्रसारण नहीं किया जा सकता है।”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि वह आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्हें माफ कर दूंगी क्योंकि हम बड़े हैं।” मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि जूनियर डॉक्टरों के ‘काम बंद’ करने से 27 लोगों की मौत हुई है और राज्यभर में सात लाख मरीज परेशान हुए हैं।
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