तेलअवीव । इजरायल की सेना ने लेबनान के अंदर 48 किलोमीटर तक घुसपैठ की है, इसके परिणामस्वरूप हिज्बुल्लाह के लड़ाके इलाके को छोड़कर भाग चुके हैं। हालांकि, कुछ संघर्ष लेबनानी सेना और बचे-कुचे हिज्बुल्लाह लड़ाकों के बीच जारी है। इस संघर्ष से करीब 10 लाख लोग इस क्षेत्र से भाग चुके हैं, जिससे स्थानीय जनसंख्या लगभग समाप्त हो गई है।
इजरायली सेना ने पूरे दक्षिणी लेबनान में अपना प्रभाव जमा लिया है। इजरायल की नेशनल सिक्योरिटी कैबिनेट ने इस ऑपरेशन को हिज्बुल्लाह के खिलाफ अगले चरण की लड़ाई के रूप में बताया है। यह इजरायली सेना द्वारा लेबनान की जमीन पर 50 वर्षों में चौथी बार घुसपैठ है, और 2006 में 34 दिन चले युद्ध के बाद पहली बार हो रहा है। इजरायल इस एक सीमित जमीनी ऑपरेशन के रूप में पेश कर रहा है, जिसमें वायुसेना की भी मदद ली जा रही है। आसमान से बमबारी और मिसाइलों के जरिए जमीनी फौज के लिए रास्ता साफ किया जा रहा है। इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह लंबे समय तक लेबनान पर कब्जा नहीं करेगा, लेकिन इजराइल यह भी नहीं बताया कि उसका वास्तविक इरादा क्या है। 01 अक्टूबर तक, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के दो दर्जन गांवों को हिज्बुल्लाह के नियंत्रण से मुक्त करा लिया था। इजरायली सेना ने छोटे-छोटे हमलों के माध्यम से पूरे लेबनान की सीमा पर सक्रियता बढ़ाई है। हालांकि, हिज्बुल्लाह के प्रवक्ता मोहम्मद अफीफ ने इजरायली सेना के दावों को खारिज किया है।
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