नई दिल्ली। झिलमिल कॉलोनी स्थित जय श्रीरामलीला कमेटी में शनिवार को सीता स्वयंवर की लीला चल रही थी। मैदान भीड़ से खचाखच भरा हुआ हुआ था। भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले सुशील कौशिक संवाद करते हुए कहते हैं है शिव के धनुष इस भरी सभा में मेरी लाज रखना। यह कहते ही उन्होंने एक हाथ से अपना सीना पकड़ा और दर्द से तड़पते हुए स्टेज के पीछे जा गिरे। इसके बाद अचानक रामलीला में सन्नाटा पसर गया। सब हैरान हो गए कि आखिर यह हुआ क्या? दर्शक दीर्घा में सबसे आगे उनकी पत्नी, बेटी और बेटा और भाई बैठे हुए थे। कलाकार को कैलाश दीपक अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जन्मदिन से एक दिन पहले ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। 55 वर्षीय सुशील कौशिक अपने परिवार के साथ शिवा खंड में रहते थे। परिवार में पत्नी शिखा कौशिक, देवेश कौशिक, बेटी प्रियांशी कौशिक व दो भाई हैं। सुशील पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे। उनके छोटे भाई नीरज कौशिक ने बताया कि उनके बड़े भाई जय श्रीरामलीला कमेटी में 30 वर्षों से भगवान श्रीराम का किरदार निभा रहे थे। इलाके के लोग उन्हें असली नाम से नहीं पहचानते थे, वह उन्हें राम कहकर बुलाते शनिवार को लीला का मंचन हो रहा था। 11:30 बजे सीता स्वयंवर हो रहा रहा था। भगवान का किरदार निभा रहे सुशील का चेहरा देखकर जरा भी नहीं लग रहा था कि उन्हें कोई परेशानी है। वह धनुष उठाने जा रहे थे, अचानक से उन्हें हार्ट अटैक आया और वह स्टेज के पीछे जा गिरे थे। सात अक्टूबर को सुशील 55 साल के हो जाते। नीरज ने दावा किया उनके भाई को पहले से कोई बीमारी नहीं थी, वह हर रोज सुबह जिम जाते थे और नवरात्र में सात्विक जीवन जीते थे। सुशील की मौत से परिवार के साथ ही लीला के सभी कलाकार सदमे में हैं। लीला जारी रहेगी या बंद होगी, इसपर अभी समिति ने फैसला नहीं लिया है। स्वजन ने बताया कि वर्ष 2019 में श्रीरामलीला कमेटी की लीला बंद हो गई थी। पांच वर्ष के लंबे इंतजार के बाद इस साल फिर से लीला शुरू हुई थी। इसको लेकर सुशील काफी उत्साहित थे। सुशील ने अपने घर के सामने पार्क में 12 वर्ष पहले श्रीरघुवंशी रामलीला शुरू करवाई थी। इसमें बच्चे कलाकार होते हैं। सुशील का बेटा देवेश इस लीला में अंगद का किरदार निभाते हैं।
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