बीजापुर।
सड़क निर्माण में 120 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार उजागर करने वाले छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या कर दी गई है। मामले में बस्तर संभाग के आईजी पी सुंदरराज ने बड़ा खुलासा किया है। आईजी ने बताया कि दो लोगों ने मिलकर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की थी।
ठेकेदार के मुंशी रामटेके और उसके भाई रितेश चंद्राकर ने वारदात को अंजाम दिया था। मुकेश पर स्टील रॉड से हमला किया गया था। वारदात के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। मामले में सुरेश चंद्राकर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के लिए 11 सदस्यीय एसआईटी टीम गठित कर दी गई है। दरअसल एक जनवरी की शाम सात बजे से मुकेश लापता थे। उनका शव सेप्टिक टैंक में मिला है। ठेकेदार और उनके रिश्तेदार सुरेश चंद्राकर के बाडे़ में बने सेप्टिक टैंक से उनकी लाश निकाली गई।
'हत्या का सरगना कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर'
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले पर कहा कि मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में पुलिस ने कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर के रिश्तेदार रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके को हिरासत में लिया है। तत्काल कार्रवाई करते हुए इस मामले की गहनता से जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस मयंक गुर्जर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है। फरार कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर को पकड़ने के लिए चार अलग-अलग टीमें अलग-अलग दिशाओं में काम कर रही हैं। हम मामले की स्पीडी ट्रायल के लिए पूरी कोशिश करेंगे। हत्या का सरगना कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर है वह कांग्रेस प्रदेश का पदाधिकारी है।
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