नई दिल्ली। महाकुंभ में लगभग 40 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। 12 साल में एक बार आयोजित होने वाले इस विशाल धार्मिक समागम का फायदा भारतीय कंपनियां अपनी ब्रांडिंग और प्रचार के लिए पूरी तरह से उठाना चाहती हैं। महाकुंभ की ब्रांडिंग में प्रमुख कंपनियों ने अपने बजट का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा शाही स्नानों के इर्द-गिर्द केंद्रित किया है।
कोका-कोला इंडिया के ग्रीष्म सिंह ने कहा कि वे अपने बेवरेज पोर्टफोलियो को स्थानीय स्वादों और खाद्य पदार्थों के साथ जोड़ने की योजना बना रहे हैं। इन विज्ञापनों के माध्यम से कंपनियां न केवल स्थानीय उपभोक्ताओं को आकर्षित करना चाहती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं को भी अपनी ब्रांडिंग से जोड़ने का अवसर प्राप्त करना चाहती हैं। महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में ब्रांड्स के लिए यह एक अवसर होता है, जहां वे सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ सकते हैं और उनके साथ अपने रिश्ते को मजबूत कर सकते हैं।
क्रेयॉन्स एडवरटाइजिंग के चेयरमैन कुणाल ललानी ने कहा कि ब्रांड्स का मुख्य उद्देश्य छह शाही स्नानों के दौरान अधिकतम विजिबिलिटी हासिल करना है। इस दौरान महाकुंभ में सोशल मीडिया और इनफ्लूएंसर्स का इस्तेमाल भी किया जाएगा, ताकि कंपनियां अपनी पहुँच और प्रभाव बढ़ा सकें।
इस बार के महाकुंभ में आईटीसी, कोका-कोला, अडानी ग्रुप, हिंदुस्तान यूनिलीवर, डाबर, बिसलेरी, पार्क, इमामी, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख कंपनियों ने ब्रांडिंग अधिकार खरीदे हैं। इन कंपनियों ने कुंभ के दौरान अपने उत्पादों की मौजूदगी को बढ़ाने के लिए विभिन्न रणनीतियों को अपनाया है, जिसमें नावों, होर्डिंग्स, यूनिपोल्स और लग्जरी टेंट्स पर ब्रांडिंग के अवसर शामिल हैं। आईटीसी के माचिस और अगरबत्ती डिवीजन के डिवीजनल चीफ एग्जीक्यूटिव गौरव तयाल ने बताया कि कंपनी सोशल मीडिया और इनफ्लूएंसर्स के जरिए अपनी ब्रांड विजिबिलिटी बढ़ाने की योजना बना रही है। ब्रांडिंग के लिए 2019 के कुंभ की तुलना में दरें 50-60% तक बढ़ चुकी हैं। इसके अलावा, डाबर ने अपने ब्रांड के लिए श्रद्धालुओं के स्नान क्षेत्र में चेंजिंग रूम और हेयर ड्रायर जैसी सुविधाएं प्रदान की हैं, जबकि अडानी ग्रुप ने यूनिपोल्स और गोल्फ कार्ट्स पर ब्रांडिंग की है।
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