नई दिल्ली । घरेलू मांग में तेजी लौटने से देश की आर्थिक वृद्धि में मजबूती आने की उम्मीद है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जारी किया बुलेटिन, जिसमें कहा गया कि देश की अर्थव्यवस्था अनेक वर्षों के बाद फिर से उच्चारित हो सकती है। लेकिन खाद्य मुद्रास्फीति की बढ़ती स्तिथि को लेकर सतर्क रहने की भी जरूरत है। बुलेटिन में दिखाया गया है कि विभिन्न देशों में अर्थव्यवस्था की स्थिति भिन्न-भिन्न है। अमेरिका में गति कम हो रही है, जबकि यूरोप और जापान में मध्यम सुधार देखने को मिल रहा है। भारत में ग्रामीण मांग में तेजी आ रही है, जिसे कृषि संभावनाओं से समर्थन मिल रहा है। आर्थिक परिदृश्य में सुधार के साथ-साथ खाद्य मुद्रास्फीति की ऊंची बनने के नुकसान को भी मन में रखना जरुरी है। बुलेटिन ने ग्रामीण मांग, सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में सुधार, और विनिर्माण क्षेत्र के जोखिम जीते जा रहे हैं इस पर केंद्रीय बैंक ने ध्यान दिया है। विश्व की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद में भारत की बढ़ती गति और मांग के नजरिये से जोख़िम और निवेश के फैसलों पर विचार करने की जरूरत है। यहां तक कि पूंजीगत व्यय में सुधार और अच्छी कृषि संभावनाएं भी भारत की आर्थिक वृद्धि में मददगार साबित हो सकती हैं।
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