मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने दावा किया कि सत्तारूढ़ भाजपा के कई नेता उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहते हैं। राउत ने कहा कि हालांकि शिवसेना (यूबीटी) के भीतर ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन पार्टी के कुछ सदस्य भी ऐसी ही भावनाएं रख सकते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन दावों को न केवल खारिज किया बल्कि आईना भी दिखा दिया। दिल्ली में पत्रकारों के एक सवाल पर फडणवीस ने कहा कि सामान्य बैठकों को राजनीतिक रूप से नहीं देखा जाना चाहिए। राउत के दावों को खारिज करते हुए फडणवीस ने कहा, किसी को भी इतना भोला नहीं होना चाहिए… लोग प्रीतिभोज में मिलें और गठबंधन बन जाए या दल करीब आ जाएं।
यह पूछे जाने पर कि क्या शिवसेना (उबाठा) के नेता भी भाजपा के साथ गठबंधन करने की यही भावना रखते हैं, राउत ने कहा, हो सकता है। हम भाजपा के कुछ नेताओं की वजह से एमवीए के साथ गए। आपने हमारी पार्टी को विभाजित कर दिया और एकनाथ शिंदे को वह दे दिया जिसकी हम मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा, हमने पहले भी कई बार इस तरह की चर्चा की है। हालांकि शिवसेना (उबाठा) में अभी तक ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। इस तरह की बयानबाजी उस वक्त शुरु हुई जब ठाकरे के सहयोगी और विधान परिषद सदस्य मिलिंद नार्वेकर एवं भाजपा के मंत्री चंद्रकांत पाटिल के बीच बुधवार रात विधायक पराग अलवानी की बेटी के विवाह समारोह में शिवसेना प्रमुख की मौजूदगी में हुई कुछ हंसी-मजाक वाली बातचीत के बाद आई है। भाजपा के अलवानी मुंबई के उपनगरीय क्षेत्र विले पार्ले से तीन बार विधायक रह चुके हैं। भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि ठाकरे के अलवानी के साथ अच्छे संबंध हैं। राउत ने कहा कि भाजपा में कई लोग पाटिल की स्वर्णिम क्षण वाली भावनाओं को साझा करते हैं। उन्होंने कहा, मुझे संदेह है कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना कितने समय तक भाजपा के साथ रहेगी। हम इंतजार करो और देखो की स्थिति में हैं।
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