रायपुर: बलरामपुर जिले के पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछलीपालन एवं पशुधन विकास विभाग मंत्री श्री रामविचार नेताम के द्वारा ग्राम महावीरगंज में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के द्वारा स्थापित दुग्ध शीतलक केंद्र का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने नवीन पशु औषधालय का भी औपचारिक शुभारंभ किया। महावीरगंज में दुग्ध शीतलक केंद्र और नवीन पशु औषधालय की सौगात से क्षेत्र के पशुपालकों को दूध विपणन, पशु उपचार और आय वृद्धि की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पशुपालन मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि शासन किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेती के साथ-साथ पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है और दुग्ध उत्पादन से ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से बात करते हुए मंत्री श्री नेताम ने बताया कि दुग्ध विक्रय का पैसा अब सीधे आपके बैंक खाते में आएगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने मिलकर योजना बनाई है कि सभी को रोजगार और आजीविका से कैसे जोड़ें और उनकी आर्थिक समृद्धि कैसे बढ़े। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए हमने ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध संग्रहण एवं शीतलक केंद्र खोले हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ें तथा किसान और पशुपालक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोगों को अब दूध के संरक्षण और विपणन की बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध सहकारी गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। महावीरगंज में इस दुग्ध शीतलक केंद्र के शुरू होने से क्षेत्र के पशुपालकों को अब दुग्ध विक्रय के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। अब पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर ही उचित दर पर दूध का पैसा मिलेगा सीधे तौर पर उनके आय में वृद्धि भी होगी।

शुभारंभ के पश्चात कृषि मंत्री श्री नेताम ने दुग्ध शीतलक केंद्र का भ्रमण कर इसकी कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इस दौरान एनडीडीबी के प्रतिनिधि श्री विजय कुमार ने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से 75 दुग्ध संग्रहण केंद्रों से दूध एकत्रित कर प्रोसेसिंग के लिए रायपुर एवं वाराणसी भेजा जाएगा।
एनडीडीबी के प्रतिनिधि ने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान में दुग्ध कलेक्शन हेतु 3 इलेक्ट्रिक गाडि़यां भी उपलब्ध कराई गई हैं, जो गांव-गांव में जाकर कलेक्शन सेंटर से दुग्ध को सुरक्षित रूप से इस शीतलक केंद्र तक लाएंगे।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने महावीरगंज में स्वीकृत नवीन पशु औषधालय का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पशुओं का बेहतर स्वास्थ्य ही पशुपालकों की समृद्धि का आधार है। पशु औषधालय के प्रारंभ होने से पशुओं के उपचार, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान एवं अन्य आवश्यक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी, जिससे पशुपालकों को दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं श्री शिशिरकांत पांडे ने बताया कि यह जिले का 25वां पशु औषधालय है। इसके माध्यम से महावीरगंज सहित आसपास के गांवों के पशुपालकों को बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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