साल भर में कुल चार नवरात्रि होती हैं. एक चैत्र नवरात्रि, दूसरी शारदीय नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि. इनसे में एक गुप्त नवरात्रि माघ मास में तो दूसरी आषाढ़ महीने में होती है. गुप्त नवरात्रि तंत्र-मंत्र के साधकों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दौरान मंत्र से जाप से माता दुर्गा की पूजा सफल मानी जाती है. मनोकामना पूर्ण होती है. इसके अलावा जिन युवक-युवतियों की शादी नहीं हो पा रही है, उनका योग भी बन सकता है.
देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने Local 18 को बताया कि 6 जुलाई से आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि शुरू हो रही है. गुप्त नवरात्रि में मंत्रों के साथ माता दुर्गा की विधि विधान के साथ पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. वही हिंदू धर्म में लड़का-लड़की का विवाह कुंडली देख कर किया जाता है. कुंडली में ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति होने पर शादी विवाह में अड़चन पैदा होती है. इसको दूर करने के लिए गुप्त नवरात्रि में आप छोटा सा उपाय कर सकते हैं.
गुप्त नवरात्रि में इस मंत्र का जाप
शादी-विवाह की अड़चन को दूर करने के लिए या मनचाहा वर पाने के लिए गुप्त नवरात्रि में माता कात्यायनी की पूजा करनी चाहिए. माता कात्यायनी को शहद का भोग लगाएं. फिर “ॐ कात्यायनी महामये महायोगिन्यधीश्वरी। नंद गोप सुतं देहि पतिं में कुरुते नम:” मंत्र का जाप 41000 बार करें. ऐसा करने से निश्चित रूप से शादी-विवाह में की अड़चने दूर होंगी. याद रहे माता कात्यायनी की पूजा और मंत्र का जाप करते समय पिला या लाल वस्त्र धारण कर मुख में पान अवश्य रखें. साथ ही कमल गट्टे की माला पर माता कात्यायनी के मंत्रों का जाप करें.
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