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जब मुख्यमंत्री साय ने थामा हाथ, तो दिव्यांग हितग्राही की जिंदगी में लौटी उम्मीद की रौशनी, सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मिली बैटरी चलित ट्रायसायकल, संघर्ष भरी जिंदगी को मिला नया सहारा…..

जब मुख्यमंत्री साय ने थामा हाथ, तो दिव्यांग हितग्राही की जिंदगी में लौटी उम्मीद की रौशनी, सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मिली बैटरी चलित ट्रायसायकल, संघर्ष भरी जिंदगी को मिला नया सहारा…..

रायपुर: जिंदगी कभी-कभी इंसान की परीक्षा इतनी कठिन लेती है कि हर दिन एक संघर्ष बन जाता है। दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत करंजा-भिलाई, वार्ड क्रमांक 16 निवासी श्री तोपसिंग साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 80 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने परिवार का सहारा बनने के लिए एक छोटे से पान ठेले …

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प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान : मुख्यमंत्री साय…..

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान : मुख्यमंत्री साय…..

रायपुर: सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के हितग्राही श्री आनंद कुमार पवार से उनके निवास पर आत्मीय मुलाकात कर योजना से आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने परिवार से संवाद कर जाना कि किस प्रकार एक जनकल्याणकारी …

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’ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत बड़े कनेरा में मिलीं 150 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां’, ’मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अवलोकन, कहा – प्राचीन ज्ञान परंपरा हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की अमूल्य धरोहर’…..

’ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत बड़े कनेरा में मिलीं 150 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां’, ’मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अवलोकन, कहा – प्राचीन ज्ञान परंपरा हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की अमूल्य धरोहर’…..

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा से जुड़े अमूल्य विरासत संरक्षण के प्रयासों को नई प्रेरणा देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा का दौरा किया। यहां उन्होंने ज्ञान भारतम् अभियान के तहत संरक्षित लगभग 150 वर्ष पुरानी उड़िया भाषा में लिखित प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया …

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