माघ महीने के शुक्ल पक्ष की अमावस्या तिथि बहुत खास होती है. इस साल महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान मौनी अमावस्या के दिन ही पड़ रहा है. यह शुभ संयोग 144 साल बाद बन रहा है. अमावस्या के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है. ज्योतिषियों के अनुसार, अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं. महाकुंभ के दौरान अमावस्या के दिन सभी घाटों पर भारी भीड़ उमड़ेगी. गंगा स्नान के बाद भगवान शिव के मंत्रों का जाप करते हुए उनकी पूजा करनी चाहिए. इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
क्या कहते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य?
देवघर के बैद्यनाथ मंदिर के प्रसिद्ध तीर्थ पुरोहित और ज्योतिषाचार्य प्रमोद श्रृंगारी ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत में बताया कि माघ महीने की शुक्ल पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं. इस साल 29 जनवरी को मौनी अमावस्या है. मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान और भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है. अगर मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान नहीं कर पाएं तो घर के पास किसी नदी या तालाब में स्नान कर भगवान शिव की पूजा विधि-विधान से करनी चाहिए. ऐसा करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है.
अमावस्या के दिन क्या उपाय करें
कि मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने के बाद “ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ” मंत्र का उच्चारण करते हुए भगवान शिव की शोडशोपचार विधि से पूजा करें. साथ ही छोटे-छोटे चांदी के सर्प बनाकर भगवान शिव को अर्पित करें। इससे कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है और भयंकर बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है.
Purvanchal Today Latest & Breaking News Updates In Hindi