रायपुर: जिला मुख्यालय बालोद के समीप ग्राम दुधली में आयोजित देश की प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति की रोकथाम के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपस्थित रोवर-रेंजरों, स्काउट-गाइड एवं जनसमुदाय को शपथ दिलाई। इस अवसर पर एक साथ 20 हजार से अधिक लोगों द्वारा बाल विवाह रोकथाम की शपथ लेकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में बालोद जिले का नाम दर्ज कराया गया, जो बालोद जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाल विवाह, समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। इसे रोकने के लिए केवल शासन ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग अपने घर, परिवार, रिश्तेदारों एवं आसपास के लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें और इसे जड़ से समाप्त करने में सहभागी बनें।

शपथ के दौरान उपस्थितजनों ने संकल्प लिया कि वे बाल विवाह नहीं होने देंगे, इसकी सूचना प्रशासन को देंगे तथा समाज में जागरूकता फैलाएंगे। मुख्यमंत्री ने बाल विवाह मुक्त अभियान में उल्लेखनीय प्रयासों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की तथा एक साथ 20 हजार लोगों के शपथ लेने पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स का प्रमाण पत्र प्रदान किया और उन्हें मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री भोजराज नाग, भारत स्काउट गाईड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त श्री के.के. खण्डेलवाल, महासचिव श्री पी.जी.आर सिंधिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, देशभर से आए रोवर-रेंजर तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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